फरीदाबाद, मार्च 6 -- फरीदाबाद/पलवल, वरिष्ठ संवाददाता। हेपेटाइटिस के प्रकोप से जूझ रहे पलवल के गांव छांयसा में दहशत और मातम का माहौल है। मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिसके चलते अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मौत की सटीक वजह जानने और बीमारी के स्रोत का पता लगाने के लिए देश की दो सबसे प्रतिष्ठित संस्थाओं नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजी (पुणे) और आईसीएमआर (चेन्नई) की टीमों ने गांव में पहुंची हैं। टीमें ने घर-घर जाकर मरीजों से बातचीत, पेयजल की जांच के साथ ही नल्लहड़ मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से मरीजों की मौत का डाटा एकत्रित किया है। गहन अध्ययन के बाद टीम अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को सौंपेगी।गांव छायंसा में पिछले दो माह से हेपेटाइटिस बी और सी का कहर बना हुआ है। बीमारी के कारण अब तक करीब 18 लोग काल के गाल में...