मुंगेर, मई 7 -- मुंगेर, एक संवाददाता। एक ओर सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कच्चे मकानों में रहने वालों को पक्के घर देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर मुंगेर का एक पुअर हाउस प्रशासनिक लापरवाही की भयावह तस्वीर पेश कर रहा है। वर्ष- 1985 में महादलितों के लिए 60 कमरों वाला बना यह दो मंजिला पुअर हाउस आज अपनी हालत पर आंसू बहा रहा है। यह इतना जर्जर हो चुका है कि, आज यह मौत का घर बन चुका है। हालत इतनी खराब है कि, यह इमारत कभी भी ढह सकती है और बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद आज इस जर्जर लगभग 200 महादलित परिवार जर्जर भवन में अपनी जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर हैं। यह भी पढ़ें- नगर परिषद का वार्ड दो विकास से वंचितपुअर हाउस की स्थिति नगर निगम के इस पुअर हाउस की स्थिति अब पूरी तरह से खंडहर जैसी हो चुकी है। वार्ड संख्या- ...
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