रांची, अप्रैल 13 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (प्रधानमंत्री जनमन) के माध्यम से देश के विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। पेयजल एवं स्वच्छता और कल्याण विभाग ने मिलकर छूटी हुई पीवीटीजी बस्तियों का संयुक्त सत्यापन किया है, जहां जलापूर्ति योजनाएं पहुंचानी है। इसे लेकर नोडल विभाग पेयजल एवं स्वच्छता द्वारा कुल 320 नई जलापूर्ति योजनाओं का प्रस्ताव तैयार किया गया है। छूटी हुई पीवीटीजी बस्तियों का संयुक्त सत्यापन का निर्देश केंद्र सरकार ने बीते साल 19 जून 2025 को दिया था। यह भी पढ़ें- समयावधि समाप्त, 275 गांवों में पेयजल की आस रह गई अधूरी केंद्र के निर्देश के तहत छूटी हुई कुल 291 बस्तियों के लिए योजना बनाने का निर्दे...