बिहारशरीफ, अप्रैल 15 -- धरती पुत्रों की व्यथा - 05 पीली क्रांति पर महंगाई की मार: सरसों का दाम 500 बढ़ा तो लागत में 1200 का उछाल पिछले साल 7 हजार तो इसबार 7500 रुपये प्रति क्विंटल मिलने के बावजूद किसान निराश मौसम की बेरुखी और कीटों के बढ़ते प्रकोप से नालंदा में घटे तेलहन के खेत पिछले साल 8978 तो इस बार 8857 हेक्टेयर पर ही खेती का सिमटा रकबा 4 महीने की मेहनत और महंगी लागत के बाद एकड़ में महज 37 हजार का मुनाफा राई के मुकाबले पीली सरसों को ज्यादा तरजीह देते हैं नालंदा के किसान, लेकिन महंगे खाद-बीज ने तोड़ी कमर फोटो सरसों खेत : सरदार बिगहा के पास खेत में लगी सरसों की फसल। यह भी पढ़ें- जलवायु परिवर्तन से तेलहन की उपज व गुणवत्ता में कमी (फाइल फोटो) बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि। धरती पुत्रों की व्यथा सीरीज के पांचवें अंक में आज पीली क्रांति यानी ते...
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