पीलीभीत, जनवरी 22 -- तराई के पीलीभीत जनपद की आवोहवा सभी को अच्छी लगती है। यहां के जंगल लोगों को लुभा रहे हैं। इसी वजह से हर वर्ष पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बाघ के दीदार करने के लिए देश-विदेश से पर्यटक आते हैं, तो गोमती उद्गम स्थल तक भी पहुंचते हैं। जनपद में पर्यटन की अपार संभावनाएं होने के बावजूद जनपद मुख्यालय पर एक अदद पर्यटन विभाग का दफ्तर नहीं है, जिससे पर्यटकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हर वर्ष राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 25 जनवरी को मनाया जाता है। हिमालय की तलहटी में बसे पीलीभीत जनपद की भौगोलिक स्थिति अन्य जनपदों से अलग है। यहां के विशालकाय जंगल के अंदर कल-कल करती नहरों का जाल है, जो लोगों को लुभाने का काम करती हैं। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल के अंदर बाघ की दहाड़ लोगों को मंत्रमुक्त कर रही है, तो इको टूरिज्म स्पॉट चुका बीच भी पर्य...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.