हल्द्वानी, अप्रैल 29 -- हल्द्वानी। नैनीताल जिले के रामगढ़ ब्लॉक के घ्वेती गांव की रहने वाली भारती जीना आज पीरुलगर्ल ऑफ नैनीताल" के नाम से पहचानी जाती हैं। वर्तमान में वह एमबीपीजी कॉलेज में बीए अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। पांच बहनों में सबसे छोटी भारती के परिवार की पृष्ठभूमि साधारण है। उनकी माता आंगनबाड़ी में कार्यरत हैं, जबकि पिता काश्तकार हैं। सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने अपने हुनर से रोजगार और पर्यावरण संरक्षण का अनोखा मॉडल तैयार किया है। भारती बताती हैं कि छठी कक्षा में उनके दादाजी की प्रेरणा से उन्होंने चीड़ के पेड़ों से गिरने वाले पीरुल से टोकरी बनाने का प्रयोग शुरू किया। यह भी पढ़ें- किसानों की आमदनी 3 गुनी करने वाली F4F की सक्सेस स्टोरी नितिन कामथ की जुबानी पढ़ाई के साथ-साथ की गई यह कोशिश सफल रही और पहली ही बार में सुंदर टोकरी तैया...
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