गोरखपुर, सितम्बर 22 -- नीरज मिश्र गोरखपुर। पीरियड (मासिक चक्र) के अलग-अलग चरणों में महिलाओं में तनाव का असर अलग-अलग हो रहा है। पीरियड के बाद तनाव से बीपी बढ़ रहा है और महिलाएं चिंता भी ज्यादा कर रही हैं। एम्स के शोध में मासिक चक्र के ल्यूटियल फेज यानी ओव्यूलेशन के बाद वाले चरण में तनाव के प्रति शरीर और मानसिक प्रतिक्रिया अधिक देखी गई। तनाव देने के बाद डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर (नीचे वाला बीपी) बढ़ा मिला, जबकि चिंता का स्तर भी अधिक पाया गया। शोध इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फिजियोलॉजी, पैथॉफिजियोलॉजी एंड फार्माकोलॉजी में प्रकाशित हुआ है。

शोध का विवरण यह अध्ययन एम्स के फिजियोलॉजी, मनोचिकित्सा, नर्सिंग और माइक्रोबायोलॉजी विभागों के शोधकर्ताओं ने संयुक्त रूप से किया है। शोधकर्ताओं ने बताया कि शोध में 18 से 30 वर्ष की 104 ऐसी महिलाओं को शामिल किया गया, जि...