नई दिल्ली, फरवरी 24 -- पीरियड्स एक नेचुरल प्रॉसेस है, जिससे एक महिला हर महीने गुजरती है। ये चार-पांच दिन बहुत ही चैलेंजिंग होते हैं। इस दौरान मूड स्विंग्स, पेट, जांघ, कमर में दर्द, कमजोरी, जी मिचलाना जैसी कई चीजें एक महिला को फेस करनी पड़ती है, जो जाहिर है रोजमर्रा के काम को भी प्रभावित करती हैं। कई बार तो ये पीरियड्स का दर्द इतना असहनीय हो जाता है कि पेनकिलर ही एक ऑप्शन दिखता है। हालांकि पेन किलर को ले कर भी कई सवाल बने रहते हैं। एक पॉपुलर मिथ है कि पीरियड्स के दौरान पेनकिलर लेने से महिलाओं में इनफर्टिलिटी हो सकती है। इसके अलावा भी दवाई के कई साइड इफेक्ट्स बताए जाते हैं। इसी डर की वजह से कई महिलाएं तेज दर्द के बावजूद भी पेनकिलर लेने से परहेज करती हैं। लेकिन इस बात में क्या वाकई सच्चाई है? आइए जानते हैं इसपर गाइनेकोलॉजिस्ट की क्या राय है।...
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