हाथरस, मार्च 12 -- हाथरस। मध्यपूर्व जंग से हाथरस के पीतल मूर्ति उद्योग पर भी बंदी बादल छाने लगे हैं। व्यवसायिक सिलेंडर नहीं मिलने की वजह से फैक्ट्रियों में काम गड़बड़ाने लगा है। पीतल की मूर्तियों की बेल्डिंग सहित अन्य कार्य नहीं हो पा रहा है। कारोबारियों के मुताबिक शनिवार तक का स्टॉक है, अगर सिलेंडर की आपूर्ति नहीं होती है फैक्ट्रियों पर ताले लटक जाएंगे। हाथरस में बड़े पैमाने पर पीतल की मूर्तियां और हार्डवेयर उत्पाद तैयार किए जाते हैं, जिनकी मांग देश-विदेश से साल दर साल बढ़ती चली जा रही है। यही वजह है कि शहर में अब पीतल के कारोबारी की तादाद भी बढ़ रही है। एक अनुमान के मुताबिक जिले में लगभग सौ छोटे-बड़े कारखाने और फैक्ट्रियां हैं। जहां पर पीतल की मूर्तियां तैयार की जाती हैं। एक निजी कंपनी के लगभग 20 कारीगर अपने हाथों से महीने में तकरीबन 6 ...