पीडीए की काट के लिए पिछड़ा वर्ग और लोधियों पर बढ़ा भाजपाई भरोसा
मैनपुरी, जुलाई 18 -- लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने प्रदेश की 75 में से 45 सीटें जीती तो भगवा खेमा सन्नाटे में आ गया। उम्मीद के विपरीत भाजपा का ये प्रदर्शन भगवाई रणनीतिकारों के गले नहीं उतरा। चूक कहां हो गई, इस पर एक बार नहीं बल्कि कई बार मंथन हुआ। भाजपा ने यूपी में सपा-कांग्रेस के इस प्रदर्शन को चुनौती के रूप में लिया और 2027 के चुनावी रण के लिए कमर कस ली है। पूरन सिंह लोधी को बृज क्षेत्र की कमान देकर भाजपा ने सपा-कांग्रेस के पीडीए का मुकाबला करने का जो मैदान तैयार किया है, वह भाजपा की दूरगामी सोच का नतीजा है। चुनाव की रणभेरी बजने में देर भले ही हो लेकिन भगवा खेमा चुनावी मैदान में संगठन के दृष्टिगत अभी से ही उतर पड़ा है। सपा के लोकसभा प्रदर्शन की कई वजह सामने आईं लेकिन भाजपा ने 2027 के चुनाव के लिए अपने तरकश के तीरों को धार दे द...
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