नई दिल्ली, फरवरी 12 -- बच्चे जब 6 महीने के पूरे होते हैं तो उन्हें पहली बार अनाज से इंट्रोड्यूस कराया जाता है। उसके बाद ही उसे किसी भी तरह के फूड दिए जाते हैं। आजकल ज्यादातर पैरेंट्स सोशल मीडिया में बताए जाने वाली कई तरह की रेसिपी को आजमाने लगते हैं। जिससे बच्चे की सेहत को नुकसान होने का डर रहता है। बच्चों की डॉक्टर दीपा अग्रवाल ने ऐसे ही एक केस के बारे में शेयर किया है। जिसमे उन्होंने बताया कि कैसे ओपीडी में एक 7 महीने का बच्चा गलत फूड की वजह से हो रहे इनडाइजेशन और इरेटिबिलिटी की परेशानी के साथ आया।पीडियाट्रिशन ने शेयर किया रियल केस पीडियाट्रिशन ने इंस्टाग्राम पर रील्स शेयर कर बताया कि 7 महीने के बच्चे को उसके पैरेंट्स लूज मोशन और चिड़चिड़ेपन की शिकायत लेकर आए थे। डिटेल में पूछने पर उन्होंने बताया कि वो बच्चे को घर का बना सेरेलेक दे रहे।...
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