मथुरा, फरवरी 27 -- प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के कार्यालय में निलंबित अधिशासी अभियंता की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले से ही उन पर हाईकोर्ट की अवमानना की कार्रवाई विचाराधीन है। ऐसे में अब उनके द्वारा कम्प्यूटर प्रशिक्षण कार्य में लेखा परीक्षा दल की जांच में वित्तीय अनिमिताएं बरतने का मामला प्रकाश में आया है। प्रदेश के प्रधान महालेखा परीक्षक ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव और प्रमुख अभियंता को दोषी अधिशासी अभियंता के विरुद्ध कार्रवाई करने को लिखा है। लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड कार्यालय में कंप्यूटर प्रशिक्षण कराने के लिए मार्च 2025 में लगभग 15 लाख रुपये की धनराशि मिली थी। उक्त धनराशि को तत्कालीन अधिशासी अभियंता अजय कुमार सिंह ने मेरठ की एक फर्म के नाम से एक एक लाख रुपये के फर्जी बिल बना कर धनराशि को निकाल लिय...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.