मथुरा, मई 8 -- पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड को कर्मचारियों की ई-ऑफिस ट्रेनिंग के लिए मिली 11.57 लाख रुपये की धनराशि के गबन मामले में जांच प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि मामले के आरोपी अधिशासी अभियंता को बचाने के लिए विभागीय अधिकारी जांच में हेराफेरी करने में लगे हुए हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की जांच रिपोर्ट पर प्रधान महालेखाकार संतुष्ट नहीं है। उन्होंने एसई मैनपुरी और एसईएन निर्माण खंड वन मथुरा द्वारा की गई पहली जांच रिपोर्ट को लौटा दिया है और पुन: आठ बिन्दुओं का निर्धारण करते हुए विभाग के उच्चाधिकारियों को जांच कमेटी गठित करके जांच कराने के आदेश दिए हैं। महालेखाकार लखनऊ की टीम ने जिले के लोक निर्माण विभाग प्रातीय खंड की जांच की थी। उसके बाद महालेखागार कार्यालय लखनऊ से अक्तूबर 2025 की विशेष ऑडिट रिपोर्ट में विभाग के एक्सईएन प...