पटना, जुलाई 7 -- सूबे में पीजी से लेकर पीएचडी तक की शैक्षणिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। लोकभवन से नयी व्यवस्था पर मुहर लग गयी है। इसी के साथ उच्च शिक्षा व्यवस्था में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप व्यापक बदलाव का रास्ता साफ हो गया है। कुलाधिपति सय्यद अता हसनैन ने विद्यार्थियों को अधिक गुणवत्तापूर्ण, लचीली और शोधोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक सुधारों को स्वीकृति प्रदान की है। इनमें एकरूप पीएचडी विनियम 2026, एक वर्षीय एवं द्विवर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रमों की नयी शैक्षणिक रूपरेखा, चार वर्षीय सीबीसीएस स्नातक कार्यक्रम में संशोधन व क्रिप्टिक क्रॉसवर्ड को दो क्रेडिट क्षमता संवर्धन पाठ्यक्रम के रूप में शामिल करना प्रमुख है。 यह भी पढ़ें- केयू ने स्नातक में लाइफ साइंस को मुख्य विषय के रूप में शामिल करने की ...