पीलीभीत, अप्रैल 13 -- पीलीभीत। बीमार बेटे के इलाज के लिए एक गरीब महिला राज्यमंत्री की चिट्ठी लेकर पीजीआई लखनऊ पहुंची, लेकिन फिर भी बेटे को उपचार नहीं मिल सका। तीन दिनों तक महिला अस्पताल में परेशान घूमती रही। जब बात नहीं बनी तो वह मायूस होकर अपनी पायल बेचकर निजी वाहन से बेटे के साथ घर वापस आ गई। राज्यमंत्री ने कहा कि लापरवाही की जांच कराई जाएगी। शहर के रणजीत सिंह कॉलोनी निवासी महिला रामकली के बेटे को किडनी समेत अन्य समस्या है। तीस मार्च को मेडिकल कॉलेज से उसके बेटे को रेफर कर दिया गया था। उपचार में मदद के लिए गन्ना राज्यमंत्री ने हायर सेंटर के डायरेक्टर के नाम चिठ्ठी लिखकर दी थी। इसे लेकर महिला लखनऊ में उपचार कराने गई थी। महिला को एंबुलेंस से उसके बेटे के साथ भेजा गया था। वहां एंबुलेंस मरीज को छोड़कर वापस आ गई। पुत्र को भर्ती कराने के लिए ...
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