लखनऊ, मई 15 -- पीजीआई इमरजेंसी में मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल रहा है। इमरजेंसी के पास मरीज तड़प रहे हैं। उन पर डॉक्टरों को तरस नहीं आ रहा है। संवेदनहीनता का आलम यह है कि पांच से सात घंटे खुले आसमान के नीचे मरीज तड़पता रहा। इलाज के अभाव में मरीज की हालत गंभीर हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि आईसीयू बेड खाली नहीं है। आठ घंटे इंतजार के बाद परिवारीजन मरीज की जिंदगी बचाने के लिए निजी अस्पताल ले गए। जहां बुजुर्ग मरीज का इलाज चल रहा है। बिजनौर निवासी नंद कुमार को न्यूरो संबंधी परेशान है। परिवारीजन मरीज को लेकर पीजीआई इमरजेंसी लेकर पहुंचे। करीब एक घंटे बाद डॉक्टरों ने मरीज को देखा। ग्लूकोज चढ़ाया। उसके बाद मरीज की हालत गंभीर बताई। कहा मरीज को आईसीयू बेड की जरूरत है। संस्थान में आईसीयू बेड खाली नहीं है। लिहाजा मरीज के किसी दूसरे संस्थान ले जाएं। बु...