प्रधान संवाददाता, अगस्त 4 -- बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण था। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने और राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद नितिन नवीन के इस्तीफे से यह सीट खाली हुई थी। दूसरी ओर, सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद बिहार में यह पहला उपचुनाव था। इस चुनाव में प्रशांत किशोर की साख और उनका राजनीतिक भविष्य भी दांव पर लगा था। लेकिन प्रशांत किशोर ने बीजेपी को उसकेे गढ़ में शिकस्त दी है। अब इस जीत के कई मायने भी निकाले जा रहे हैं। जनसुराज : प्रशांत किशोर की इस जीत के बाद यह मायने भी निकाले जा रहे हैं कि जनसुराज के लिए यह भविष्य की सियासत के लिए लॉन्चिंग पैड साबित हो सकता है। जनसुराज का ध्यान अब पार्टी के विस्तार पर होगा। प्रशांत के लिए विपक्षी सियासत का केंद्र बनने का यह एक बड़ा अवसर...