रांची, फरवरी 28 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश सह झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि इतिहास से सीख लेकर न्याय को अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना ही बैठक का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि पारा लीगल वॉलेंटियर (पीएलवी) प्रणाली की "मुख्य ऊर्जा" और "बटालियन" हैं, क्योंकि वही सुदूर क्षेत्रों में रहकर जमीनी समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराते हैं। विधिक सशक्तिकरण शिविरों के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। न्यायाधीश सह झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद शनिवार को डोरंडा के शौर्य सभागार में आयोजित झालसा की छठी राज्य स्तरीय बैठक को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने डायन प्रथा और मानव तस्करी को गंभीर सामाजिक बुरा...