पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 134 गर्भवती महिलाओं की हुई जांच
पाकुड़, जून 10 -- अमड़ापाड़ा, एक संवाददाता। आदिवासी सेंगल अभियान द्वारा आदिवासी समाज में प्रचलित पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था, विशेषकर संथाल समाज की माझी-परगना व्यवस्था में अविलंब जनतांत्रिक और संवैधानिक सुधार लाने की मांग को लेकर पाकुड़ के उपायुक्त के नाम का ज्ञापन बीडीओ को सौंपा गया है। इसकी प्रतिलिपि जिला पुलिस अधीक्षक और अमड़ापाड़ा के प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी सूचनार्थ भेजी गई है। संगठन के जिला अध्यक्ष लुबिन मरांडी के हस्ताक्षर से जारी इस ज्ञापन में तीखा रुख अपनाते हुए आरोप लगाया गया है कि वर्तमान में यह पारंपरिक व्यवस्था स्वशासन के नाम पर स्वशोषण, मनमानी और तानाशाही का प्रतीक बन चुकी है। यह व्यवस्था पूरी तरह से वंशवादी और जनतंत्र विरोधी है, जिसमें पढ़े-लिखे युवाओं और महिलाओं को अपनी बात रखने का कोई अवसर नहीं मिलता है।सेंगेल यह भी पढ़...
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