नई दिल्ली, जून 5 -- पटियाला हाउस अदालत ने प्रतिबंधित संगठन पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) और उसके 25 सदस्यों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से प्रथम दृष्टया यह गंभीर संदेह उत्पन्न होता है कि आरोपियों ने एक व्यापक साजिश के तहत काम किया। अतिरिक्त सेशन जज प्रशांत शर्मा की अदालत ने आईपीसी और यूएपीए के तहत आरोप तय करने का निर्देश दिया। अदालत के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्य संकेत देते हैं कि आरोपी पीएफआई और उसकी राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद के माध्यम से कथित साजिश को आगे बढ़ाने के लिए सहमत थे और उस पर अमल कर रहे थे। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसे प्रथम दृष्टया साक्ष्य मौजूद हैं जिनसे यह आरोप बनता है कि साजिश का उद्देश्य वर्ष 2047 तक या उससे पहले भारत की धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक सरकार को उखाड़ फेंकना और श...