शाहजहांपुर, अगस्त 15 -- शाहजहांपुर। रोडवेज के संविदा चालक मोर सिंह के एनडीपीएस एक्ट में जेल जाने के मामले में अब फर्जी मेडिकल दस्तावेज का नया खुलासा हुआ है। आरोप है कि एआरएम अरुण कुमार ने बिना कागजातों के सत्यापन कराए ही चालक को ड्यूटी पर रख लिया। अब मामला सामने आने के बाद दोनों विभागों में हलचल मची है। रोहतक की अदालत के आदेश में मोर सिंह के 23 जून से हिरासत में होने की पुष्टि है, जबकि इसी तारीख समेत हिरासत की अवधि में उसके नाम से गढ़िया रंगीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के उपचार संबंधी कई मेडिकल पर्चे सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की जांच में सीएमओ डॉ. विवेक मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि संबंधित तिथियों में मोर सिंह का गढ़िया रंगीन पीएचसी में इलाज हुआ ही नहीं और पर्चों पर दर्ज लिखावट भी संबंधित चिकित्सक की नहीं है। इसके बाद मेडिकल दस्तावेजों...