नई दिल्ली, अक्टूबर 27 -- इंडस्ट्री में डिग्री की बजाय स्किल्स की डिमांड और एआई के दौर में बीच हायर एजुकेशन में रिसर्च के तौर तरीके भी बदल रहे हैं। मौजूदा ट्रेंड को देखते हुए आईआईटी रोपड़ ने इनोवेशन बेस्ड पीएचडी की नई शुरुआत की है। इस सिस्टम में शोधार्थियों को लंबी थीसिस लिखने के बजाय प्रोडक्ट बनाने, पेटेंट हासिल करने, स्टार्टअप शुरू करने या टेक्नोलॉजी को इंडस्ट्री तक पहुंचाने पर ध्यान देने का अवसर मिलेगा। वे स्किल्स और प्रैक्टिकल ज्ञान पर फोकस करेंगे। उन्हें लंबी चौड़ी थीसिस लिखने में सालों बर्बाद करने की जरूरत नहीं है। वे इंडस्ट्री से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने और उन पर रिसर्च करने पर ध्यान दे सकते हैं। आईआईटी रोपड़ के डायरेक्टर प्रोफेसर राजीव आहूजा ने इनोवेशन ड्रिवन (नवाचार पर आधारित) PhD का विचार पेश किया है। उनके इस आइडिया को अब संस्था...