भदोही, सितम्बर 20 -- गोपीगंज, हिन्दुस्तान संवाद। काशी से प्रकाशित श्री महावीर पंचाग के अनुसार पितृ विसर्जन 21 सितंबर रविवार को होगा। श्राद्ध का समय दोपहर में सर्वोतम होता है। पितरों की संतुष्टि के लिए ब्राह्मणों को भोजन कराकर यथोचित दान करना चाहिये। इससे परिवार मे सुख,शांति संग वंश वृद्धि होती है। पितृ विसर्जन के दिन रामपुर समेत समस्त गंगा घाटों पर तर्पण करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ेगी। चार बजे भोर से ही लोग गंगा की तरफ बढ़ने लगते हैं। भावसिंहपुर डुहिया निवासी आचार्य पंडित दीनानाथ शुक्ल ने दी। बताया कि इस बार शारदीय नवरात्र दस दिन का होगा। मां का आगमन हाथी पर (जिसका फल अति वृष्टि तथा गमन मनुष्य के कंधे पर (फल अति सुख)कलश स्थापन 22 सितंबर सोमवार को सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक। नवरात्र में दुर्गा सप्तशती का पाठ करना बहुत ही फलदायी होता है।...
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