नई दिल्ली, सितम्बर 26 -- पितृ पक्ष को हिंदू धर्म में पितरों के स्मरण, तर्पण और श्राद्ध के लिए विशेष समय माना गया है। इन दिनों लोग अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य करते हैं। धार्मिक मान्यताओं में इस अवधि को सांसारिक शुभ कार्यों की बजाय पितरों के निमित्त कर्म करने का समय बताया गया है। इसी वजह से पितृ पक्ष में घर, जमीन या किसी नई संपत्ति की खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है। आखिर इसके पीछे धार्मिक कारण क्या है और इस अवधि में नए काम शुरू करने से क्यों बचा जाता है?पितरों को समर्पित होता है यह समय हिंदू धर्म में पितृ पक्ष की अवधि पूरी तरह पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने से जुड़ी मानी जाती है। मान्यता के अनुसार, इन दिनों पितरों के लिए किए गए श्राद...