रुडकी, अक्टूबर 1 -- रुड़की, संवाददाता। ज्योतिष गुरुकुलम नवग्रह पीठ में श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य रमेश सेमवाल ने श्रीकृष्ण के जन्म और उनकी बाल लीलाओं से जुड़े प्रसंग सुनाए। इस दौरान कथा स्थल जयकारों से गूंज उठा। आचार्य सेमवाल ने कहा कि जब पृथ्वी पर कंस के अत्याचारों से प्रजा त्रस्त हो गई, तब धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए श्रीकृष्ण ने अवतार लिया। उन्होंने बताया कि आकाशवाणी में कंस को देवकी की आठवीं संतान से अपने वध की जानकारी मिली। इसके बाद उसने देवकी और वसुदेव को कारागार में बंद कर दिया। उन्होंने बताया कि भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी की अर्धरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का कारागार में दिव्य प्राकट्य हुआ।

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