नई दिल्ली, सितम्बर 23 -- Pitru paksha me kya karna chahiye aur kya nahi karna chaiye: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। पितृ पक्ष को श्राद्ध पक्ष भी कहा जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद मास की पूर्णिमा से आश्विन मास की अमावस्या तक की 16 दिनों की इस अवधि में पूर्वज (पितृ गण) अपने परिजनों को आशीर्वाद देने के लिए पृथ्वी लोक पर आते हैं। इस दौरान पितरों की आत्मा की शांति, उनका आशीर्वाद प्राप्त करने और जीवन में सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए शास्त्रों में कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। आइए जानते हैं पितृ पक्ष के दौरान कौन-से काम करने चाहिए और किन कार्यों की मनाही होती है। यह भी पढ़ें- पितृ पक्ष के 16 दिन क्या नहीं खरीदना चाहिए?पितृ पक्ष में क्या करें-नियमित तर्पण और जल अर्पित: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, प...