पितृपक्ष में किस तिथि का श्राद्ध एक ही दिन, पढ़ें श्राद्ध की सही तिथि
नई दिल्ली, सितम्बर 29 -- पितृपक्ष में पितृ अपने पुत्र के पास आते हैं, ऐसा कहा जाता है कि पितृलोक में पानी की कमी है और इस दौरान जो पितरों को जल अर्पित करता है, उसके पितर खुश होकर आशीर्वाद देकर वापस जाते हैं। इसी को लेकर पितरों के श्राद्ध किए जाते हैं। इस बार अष्टमी तिथि के श्राद्ध की तिथि का क्षय है। 30 सितंबर (बुधवार) को आश्विन कृष्ण चतुर्थी तिथि दोपहर 02.56 मिनट तक चतुर्थी का श्राद्ध है। इसके बाद 1 अक्तूबर (गुरुवार) को आश्विन कृष्ण पंचमी तिथि दोपहर 12.36 मिनट तक है, इसलिए पंचमी श्राद्ध दोपहर 12.36 मिनट से पूर्व होगा, इसके बाद षष्ठी श्राद्ध 1 तारीख को दोपहर 12.36 मिनट के बाद) लग जाएगी। 02 अक्तूबर (शुक्रवार) को आश्विन कृष्ण षष्ठी तिथि प्रातः 10.16 मिनट तक है। इस दिन सप्तमी का श्राद्ध है। इसके बाद 3 अक्तूबर (शनिवार) को आश्विन कृष्ण सप्तमी ...
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