मिर्जापुर, सितम्बर 29 -- मिर्जापुर/विंध्याचल हिंस। अश्विन मास के पितृपक्ष के द्वितीया को अपने पूर्वजों (पतिरों) की आत्मा की मुक्ति लिए लोगों ने विंध्याचल के शिवपुर स्थत प्रसिद्ध रामगया घाट पर तर्पण और श्राद्ध किया। पितृपक्ष में पितरों की पुण्य तिथि के हिसाब से उनके वंशज दोपहर से लेकर शाम तक पहुंचते रहे। पुरोहितों के निर्देशन में घाट पर जौ,खोवा का पिंड बनाया और गोहरा पर गुड़-चावल,दूध मिश्रित खीर बनाया गया। इसके बाद पितरो के नाम से पिंडदान कर श्राद्ध किया। साथ ही अंजुरी में कालीतिल, गंगा जल लेकर कुश से तर्पण किया गया। यह भी पढ़ें- Sahibganj News: पितृ पक्ष के तीसरे दिन भी तर्पण करने गंगा घाटों पर भीड़ यह भी पढ़ें- पितृ पक्ष 2026: पिंडदान के लिए किसका बनता पिंड, पढ़ें इससे पुरखों का कौन सा ऋण कम होता है? यह भी पढ़ें- Bhagalpur News: भागलपुर :...