बागेश्वर, अक्टूबर 3 -- देवेंद्र पांडे, बागेश्वर, संवाददाता। पितृपक्ष की अष्टमी तिथि पर शनिवार को सरयू-गोमती संगम पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही संगम तट पर लोग पवित्र सरयू में स्नान कर पितरों के निमित्त पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण करने पहुंचे। पुरोहितों ने मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। पार्वण अथवा महालया श्राद्ध में अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। परंपरा के अनुसार अष्टमी को पितृ श्राद्ध और नवमी को मातृ श्राद्ध के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। अष्टमी पर बड़ी संख्या में श्राद्ध होने के कारण नगर क्षेत्र के अधिकांश पुरोहित यजमानों के घर जाने के बजाय सरयू तट पर ही श्राद्ध कर्म करा रहे हैं। इससे श्रद्धालुओं को संगम स्थल पर धार्मिक अनुष्ठान कराने की सुविधा मिल रही है और पुरोहितों व यजमा...