वाराणसी, सितम्बर 27 -- वाराणसी। पितृऋण से उऋण होने का विशेष काल पितृपक्ष रविवार से प्रारंभ हो गया। तीन प्रकार के ऋणों में सर्वोपरि पितृऋण चुकाने के लिए श्राद्ध-तर्पण के विधान रविवार को पितृपक्ष प्रतिपदा पर पूरे किए गए। चावल और जौ के पिंड पितृऋण से मुक्ति का माध्यम बने। भीड़ का मुख्य केंद्र पिशाचमोचन तीर्थ रहा। वहीं गंगा का जलस्तर बढ़ा होने के कारण घाट किनारे के भवनों के बरामदों और छतों पर पिंडदान कराया गया। आश्विन कृष्ण प्रतिपदा तिथि में पिशाचमोचन तीर्थ पर सुबह से भी तीर्थयात्रियों की भीड़ रही। तीर्थ के सभी घाटों पर समान रूप से भीड़ दिखी। पिशाचमोचन तालाब की सीढ़ियों पर भी वैदिकों ने श्राद्ध का कर्मकांड पूर्ण किया। यह भी पढ़ें- Mirzapur News: पितृपक्ष की प्रतिपदा को तर्पण,श्राद्ध कर करने उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ यहां भी कुंड का जलस्तर बढ़...