नई दिल्ली, अगस्त 5 -- अमेरिका में काम कर रहे एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपने पिता की असफलता से जुड़ी ऐसी कहानी शेयर की है जो लोगों को भावुक कर उनका दिल जीत रही है। न्यूयॉर्क में कार्यरत टेक प्रोफेश्नल का कहना है कि उनके पिता का दशकों पहले IIT JEE एंट्रेंस टेस्ट में फेल होना उनके लिए सबसे अच्छी बात बन गया। यह कोई कमी नहीं बल्कि उनके लिए एक बड़ा फायदा बना। देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान आईआईटी बीएचयू (IIT BHU) के पूर्व छात्र आकाश सम्पूर्णानंद पांडेयन ने बताया कि 1980 की गर्मियों में उनके पिता केवल 10 रुपये जेब में लेकर करीब 200 किलोमीटर का सफर तय कर IIT JEE परीक्षा केंद्र पहुंचे थे। उन्हें 6 महीने पहले ही पता चला था कि JEE क्या होता है और उन्होंने इसे इग्नोर कर दिया क्योंकि वह अपने छोटे से गांव के सबसे ...