पिता हैं पैरालिसिस्ड, दूसरे प्रयास में UPSC CAPF में 5वीं रैंक लाकर बने असिस्टेंट कमांडेंट, इतने घंटे करते थे पढ़ाई
नई दिल्ली, अगस्त 22 -- जिंदगी में मुश्किलें कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अगर आपका लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो सफलता हासिल की जा सकती है। मध्य प्रदेश के धार जिले के गांधवानी के रहने वाले हर्ष शंकरलाल सोलंकी की कहानी इसका शानदार उदाहरण है। हर्ष के पिता पिछले करीब छह वर्षों से पैरालिसिस से जूझ रहे हैं। परिवार के सामने आर्थिक और पारिवारिक चुनौतियां थीं, लेकिन इन चुनौतियों के बीच हर्ष ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। पहली कोशिश में मिली असफलता के बाद उन्होंने अपनी रणनीति बदली और दूसरे प्रयास में UPSC CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा 2026 में ऑल इंडिया रैंक 5 हासिल कर ली। ऐसे में उनकी कहानी काफी प्रेरणादायक है।किसान परिवार से आते हैं हर्ष हर्ष सोलंकी मध्य प्रदेश के धार जिले के गांधवानी के रहने वाले हैं। उनका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा है ...
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