पिता हैं किसान, 7KM दूर साइकिल चालकर जाते थे कोचिंग; दूसरे अटेम्प्ट में हिंदी मीडियम से किया UPSC क्रैक
नई दिल्ली, अगस्त 10 -- छोटे-छोटे शहरों, गांवों और कस्बों में ज्यादातर छात्र आईएएस और आईपीएस बनने का सपना देखते हैं। साथ ही इस सपने को साकार करने के लिए छात्रों को यूपीएससी की सिविल सर्विसेस एग्जाम को पास करना पड़ता है, जो देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। कुछ छात्र पहले ही अटेम्प्ट में यूपीएससी एग्जाम क्रैक कर लेते हैं और कुछ 2 या उससे अधिक प्रयास में। कुछ ऐसी ही कहानी है आदित्य सिंह की, जो कठिन परिस्थितियों की चुनौतियों को पार करते हुए यूपीएससी की परीक्षा दूसरे ही प्रयास में पास कर लेते हैं। हालांकि उनके लिए यह सफर आसान नहीं था। उनके पिता एक किसान हैं और मां हाउसवाइफ हैं। ऐसे में इस उपलब्धि से न सिर्फ वह अपने माता-पिता को गौरवान्वित करते हैं, बल्कि अपने गांव और जिले का नाम भी रो...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.