नई दिल्ली, दिसम्बर 13 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि अविवाहित बालिग बेटी भी अपने पिता से भरण-पोषण राशि की मांग कर सकती है। कोर्ट ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 125 के तहत सिर्फ पति-पत्नी, माता-पिता या नाबालिग बच्चों को ही गुजाराभत्ता मांगने का अधिकार नहीं है, बल्कि बालिग अविवाहित बेटी अपनी मां के साथ भी इस कानून के तहत संयुक्त रूप से याचिका दायर कर पिता से गुजर-बसर की मांग कर सकती है। जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने कहा कि इस तरह के मामलों में शर्त सिर्फ इतनी रहती है कि यह अविवाहित बेटी खुद से कमाने के योग्य नहीं होनी चाहिए। साथ ही कोई संपत्ति (जिससे वह अपना गुजारा चला सके) नहीं होनी चाहिए। बेंच ने इस टिप्पणी के साथ ही एक पिता की याचिका को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता पिता का कहना था कि उसकी बेटी बालिग है। उसे पिता से गुजा...
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