नई दिल्ली, सितम्बर 25 -- पहले कहावत थी कि पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे कुदोगे, तो बनोगे खराब। लेकिन अब यह पुरानी कहावत बदल चुकी है और आज के समय में कहा जाता है कि पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे लाजवाब। आईपीएस कुहू गर्ग की कहानी आज के समय के कवाहत पर बिल्कुल परफेक्ट बैठती है। उन्होंने ना सिर्फ खेल-कूद में अपने नाम और देश के नाम का परचम लहराया बल्कि जब पढ़ाई के मैदान में उतरीं, तो यहां भी उन्होंने कमाल कर दिया है। जी हां, जहां लोगों को यूपीएससी क्रैक करने में सालों लग जाते हैं, वहीं कुहू गर्ग ने पहले ही प्रयास में यूपीएससी क्रैक कर आईपीएएस बन गईं। ऐसा नहीं था कि वो पहले से ही इसकी तैयारी कर रही थीं। आईपीएस बनने से पहले वो एक बैडमिंटन प्लेयर थीं। जहां उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेडल अपने नाम किया है। य...