बुलंदशहर, मार्च 19 -- पिता का साया संतान के लिए सबसे बड़ा संबल होता है, नैथला गांव निवासी एक पिता ने इसे चरितार्थ कर दिखाया है। किडनी की बीमारी से जूझ रहे 25 वर्षीय बेटे की जान बचाने को पिता ने किडनी दान की है। ट्रांसप्लांट के बाद युवक स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है। नैथला निवासी सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि बड़े बेटे हिमांशु शर्मा को वर्ष 2024 में परेशानी हुई थी। बेटे का विभिन्न अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन राहत नहीं मिली। बीमारी बढ़ती चली गई और हिमांशु की डायलिसिस शुरू करनी पड़ी। इससे शरीर कमजोर हो गया। फिर वैशाली स्थित मैक्स हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जहां नेफ्रोलाजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट मेडिसिन विभाग की एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. मनीषा ने जांच के बाद को हिमांशु क्रोनिक किडनी डिजीज की पांचवीं स्टेज है और दोनों किडनियां काम नहीं ...
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