नई दिल्ली, सितम्बर 20 -- एक कविता बेहद फेमस है कि लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती। इसका जीवंत उदाहरण है आईपीएस विवेक यादव की कहानी। अक्सर लोग 2 से 3 बार प्रयास करने के बाद तैयारी करना छोड़ देते हैं और किसी दूसरे विकल्प की तलाश में रहते हैं। लेकिन विवेक यादव ने प्रतियोगी परीक्षा के दौरान इनती नाकामियां देखीं, मगर उन्होंने मैदान नहीं छोड़ा। वो डटे रहे और हर नाकामी से सीखते रहें। उन्होंने करीब 20 अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में असफताओं का सामना करना पड़ा। यहां तक यूपीएससी की परीक्षा में करीब 4 बार फेल हो गए। लेकिन आखिरकार में 5वें प्रयास में उन्होंने फतह हासिल की और उन्हें 487वीं रैंक हासिल हुई। इसके साथ ही उनका चयन आईपीएस के लिए हुआ है। चलिए आज हम आपको इनकी सक्सेस स्टोरी बताते हैं।कौन हैं विवेक यादव विवेक...