मुरादाबाद, जुलाई 7 -- मैं इस औलाद को नहीं रख सकती... यह सिर्फ एक नाबालिग मां का बयान नहीं था बल्कि दम तोड़ती उस ममता की आख़िरी चीख थी, जिसे जन्म से पहले ही समाज की लानत और लोकलाज ने दबा दिया। यही वही नवजात है जो समर स्पेशल ट्रेन के एक कोच में संदिग्ध बैग में मिली थी। नवजात अब भी जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती है। जिस मां ने उसे जन्म दिया, वह खुद अभी नाबालिग है। जिसने उस नाबालिग को मां बनाया वह उसका सगा पिता है। अपने पिता की हवस का शिकार होने के बाद गर्भवती हुई किशोरी को डिलेवरी के लिए दिल्ली ले जाता जा रहा था। 22 जून की रात बरेली स्टेशन पर टीटीई को ट्रेन के एक कोच में रखे बैग से बच्चे के रोने की आवाज़ आई थी। मुरादाबाद पहुंचने पर टीटीई ने बच्चे को तुरंत चाइल्डलाइन के हवाले कर दिया। बच्चे को उसी रात अस्पताल में भर्ती कराया गया और ...
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