बाराबंकी, जून 20 -- बाराबंकी, संवाददाता। हर किसी की कामयबी के पीछे पिता की मेहनत, त्याग और विश्वास जरूर होता है। उसी की बदौलत लोग आज विभिन्न क्षेत्र में सफलता हासिल कर पिता का नाम रोशन कर रहे हैं। इसी तरह पिता के आदर्शों पर चल कई परिवार आज संयुक्त रूप से साथ रहते हुए उनके कारोबार को बढ़ा ही नहीं रहे बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी मुहैया करा रहे हैं। जिनके पिता हैं वह अपने बच्चों की कामयाबी को ही अपने जीवन की पूंजी बता रहे हैं। गांव में अस्पताल खोल पूरा किया पापा का सपना: जैदपुर क्षेत्र के उस्मानपुर गांव के रहने वाली बबिता वर्मा कहती हैं कि उनके पिता रामसुख वर्मा साधारण परिवार से हैं। यह भी पढ़ें- शहर की सपना झा ने किया जिले का नाम रोशन पांच भाई बहनों में बबिता सबसे बड़ी थीं। कहा कि पिता का सपना था बिटिया खूब पढ़े और गांव में गरीबों के लिए अ...