वाराणसी, सितम्बर 26 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। धर्मशास्त्रों में शिवगया के नाम से विख्यात काशी में पितरों की प्रसन्नता के लिए श्राद्ध और तर्पण का क्रम शनिवार से आरंभ हुआ। पितृपक्ष प्रतिपदा से पहले पूर्णिमा तिथि पर श्राद्ध करने के लिए बड़ी संख्या में तीर्थयात्री काीश पहुंचे। यह भी पढ़ें- पूर्णिमा श्राद्ध आज, शुरू हो जाएगा पिंडदानियों का मेलाश्राद्ध की भीड़ पिशाचमोचन तीर्थ से लेकर गंगा किनारे तक श्राद्ध करने वालों की भीड़ रही। गंगा का जलस्तर भले ही कुछ कम हुआ है, लेकिन घाटों पर मौजूद दलदली मिट्टी के कारण स्थान के अभाव का सामना लोगों को करना पड़ा। कुछ घाटों के किनारे मौजूद इमारों के बारामदों और छतों पर पिंडदान के विधान पूर्ण किए गए। पूर्णिमा तिथि पर श्राद्ध करने वालों में बहुतायत में लोग मध्याह्न काल में श्राद्ध करने के इच्छुक दिखे। यही कार...