पितरों का पिंडदान करने के लिए निकलने लगे परिजन
भभुआ, सितम्बर 30 -- गया जी में नहीं कर सकें पिंडदान तो घर पर कर सकते हैं एकोदिष्ट श्राद्ध, रविवार से आरंभ हो गई है तर्पण की प्रक्रिया आयु, पुत्र, यश, स्वर्ग, कीर्ति, पुष्टि, बल, लक्ष्मी, धान्य की समृद्धि होगी बोले विद्वान, पितरों के प्रसन्न होने पर ही देवी-देवता भी प्रसन्न रहते हैं (पेज चार की बॉटम खबर) भभुआ, कार्यालय संवाददाता।
पितरों के लिए यात्रा पूर्वजों का पिंडदान करने के लिए परिजन गया जी धाम के लिए रवाना होने लगे हैं। बुधवार को भी भभुआ शहर के विभिन्न मुहल्लों से ढोल-बाजा के साथ निकले। कोई ट्रेन से तो कोई निजी वाहन से जा रहा है। वैसे तो गया जी में पूर्णिमा तिथि से ही पितृपक्ष मेला शुरू हो गया है। पूर्णिमा को पहला श्राद्ध हुआ। प्रथम दिन को शुद्धि दिवस के रूप में जाना जाता है। इसी दिन से तर्पण की प्रक्रिया आरंभ हो जाती है, जो अमावस्या...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.