सिमडेगा, अप्रैल 1 -- सिमडेगा, प्रतिनिधि। कैसे बुझेगी प्यास, जब पानी ही नहीं, अभियान के तहत हिन्दुस्तान अखबार द्वारा पिछले कई दिनों से जिले में पेयजल संकट को लेकर लगातार जमीनी पड़ताल की जा रही है। इस क्रम में चापाकल, जलमीनार, पाइपलाइन जलापूर्ति योजना के साथ-साथ पारंपरिक जलस्रोतों की स्थिति का भी विस्तृत निरीक्षण किया गया। पड़ताल के दौरान सामने आई समस्याओं और आम लोगों की परेशानियों को प्रमुखता से प्रकाशित किया जा रहा है। अखबार में लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद अब संबंधित विभाग हरकत में आ गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार पिछले दो दिनों के भीतर जिले के विभिन्न गांवों में खराब पड़े 19 चापाकलों की मरम्मत कर उन्हें चालू कर दिया गया है। इससे उन इलाकों में लोगों को काफी हद तक राहत मिली है, जहां पानी के लिए रोजाना जद्दोजहद करनी पड़ रही थी। इसक...
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