गंगापार, मार्च 22 -- पिछले तीन दिनों से अचानक आकाश में गड़गड़ाहट, बादल और बूंदाबांदी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में फसलों की कटाई और खलिहानों में थ्रेसरिंग करते किसान दिन, रात और भूख, प्यास सब भूल चुके हैं। शुक्रवार, शनिवार की तरह ही रविवार को भी भोर से ही आकाश में गड़गड़ाहट, बूंदाबांदी और तेज हवा ने किसानों की नींद उड़ा दी है। मांडा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के किसानों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से जब गेहूं के पलेवा और सिंचाई के लिए खेतों में पानी की जरूरत रहती है, तब न तो नहरों में पानी आता है और न तो बरसात ही होती है, लेकिन जब खेतों में फसल पककर तैयार हो जाती है, तो नहरों में भी पानी आ जाता है और प्रकृति भी चैत महीने में बरसात करके किसानों की परीक्षा लेती है। प्रकृति के इस कहर को किसान आंखों में आंसू भरकर देखने के अलावा ...