पिछले डेढ़ दशक में राज्य की जनसंख्या में संतुलित वृद्धि
रांची, जुलाई 10 -- रांची, हिब्यू। झारखंड, जिसका शाब्दिक अर्थ 'झाड़ियों या वनों की भूमि' है, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रचुर खनिज संसाधनों के लिए जाना जाता है। 15 नवंबर 2000 को बिहार से अलग होकर एक स्वतंत्र राज्य के रूप में अस्तित्व में आने के बाद से झारखंड की जनसांख्यिकी संरचना में लगातार बदलाव आए हैं। 2001 में झारखंड की कुल जनसंख्या 2,69,45,829 थी, जो कुल राष्ट्रीय जनसंख्या का लगभग 2.42% थी। 2011 में बढ़कर 3,29,88,134 (करीब 3.3 करोड़) हो गई। यानी एक दशक में राज्य की जनसंख्या में 22.42% की वृद्धि दर्ज की गई थी। 2026 के लिए झारखंड की जनसंख्या अलग-अलग स्रोतों से अनुमानित 4.11 करोड़ (41.11 मिलियन) बताई जाती है। इस प्रकार पिछले डेढ़ दशक में राज्य की जनसंख्या में एक स्थिर और संतुलित वृद्धि दर्ज की गई है। 2026 के अनुमानित आंकड़ों के अनु...
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