आगरा, मई 2 -- जनपद में गांवों के विकास के लिए तीन मदों से मिले बजट का हिसाब नहीं देने वाली पंचायतों में से पिछले वित्तीय वर्षों में 2017 से पहले तक की पंचायतों द्वारा ऑडिट में खर्च ब्यौरा व अभिलेख मुहैया नहीं कराने के पीछे एक नया पेंच सामने आया है। विभाग की ओर से विगत दिनों जारी किये गए नोटिसों के बाद कुछ पंचायतों ने जानकारी दी है कि, उनका ऑडिट एटा जनपद के ऑडिट विभाग द्वारा किया गया था। जिसका रिकार्ड वह कासगंज के ऑडिट कर्मियों को नहीं मिलने के कारण स्थिति पैदा हुई है। इसके बाद कासगंज के पंचायत राज विभाग एटा के विभाग से ऑडिट रिपोर्ट के अभिलेख मांग रहा है। यह भी पढ़ें- पिछले ऑडिट एटा में हुए, कासगंज की पंचायतों के रिकार्ड मांगेगे अधिकारी इसके लिए चिट्ठी भेजी जाएगी। कासगंज के जिला पंचायत राज अधिकारी राजेश चौरसिया ने बताया कि, नोटिस जारी किये...