वाराणसी, अक्टूबर 6 -- वाराणसी। खेती की लागत को संतुलित करने, मृदा स्वास्थ्य में सुधार लाने और कृषि में उपलब्ध जैविक संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में फर्मेंटेड ऑर्गेनिक मैन्योर (एफओएम या पिंडवित खाद) किसानों के लिए उपयोगी विकल्प बनकर उभर रहा है। कल्लीपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में मंगलवार को किसानों को प्रशिक्षण देकर इसके उपयोग के प्रति जागरूक किया गया। केंद्र के अध्यक्ष और पादप रोग विज्ञान वैज्ञानिक डॉ. नवीन कुमार सिंह ने एफओएम के वैज्ञानिक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और फसल स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं पर जानकारी दी। सीएसआर मारुति परियोजना के अंतर्गत भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के सहयोग से हुए प्रशिक्षण का आयोजन संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. संजय सिंह राठौर और परियोजना के सह-समन्वयक डॉ. राजीव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में किया गया...