नई दिल्ली, जुलाई 22 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने पासपोर्ट शुल्क में बढ़ोतरी को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार को तीन महीने में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका को ही विदेश मंत्रालय के समक्ष पेश अभ्यावेदन माना जाए व कानून के अनुसार इस पर शीघ्र तीन माह में फैसला लिया जाए। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने यह निर्देश प्रवासी लीगल सेल की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिका में पासपोर्ट (संशोधन) नियम 2026 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई। इन नियमों के तहत एक जुलाई 2026 से विभिन्न श्रेणियों में पासपोर्ट शुल्क में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई। सुनवाई के दौरान पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से मौखिक रूप से कहा कि आज की महंगाई देखते हुए क्या आपको यह शुल्क अत्यधिक ल...