नई दिल्ली, अप्रैल 1 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। पासपोर्ट धोखाधड़ी मामले में अदालत ने महिला को आरोपमुक्त करते हुए कहा है कि वैवाहिक विवादों में आपराधिक कानून का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। अभियोजन पक्ष के अनुसार, महिला अपने पति से अलग रह रही थी और इसी दौरान उसने अपने बेटे के पासपोर्ट के लिए आवेदन किया। आरोप था कि उसने बच्चे के आधिकारिक नाम नूर बाली की जगह नूर मुरादा नाम से आवेदन किया और पासपोर्ट कार्यालय में कथित तौर पर एक जाली जन्म प्रमाणपत्र दिखाया, जिसमें केवल नूर नाम दर्ज था। हालांकि, अदालत ने आदेश में कहा कि अभियोजन के आरोपों को प्रथम दृष्टया मान भी लिया जाए, तब भी ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है, जिससे यह साबित हो कि आरोपी ने कथित जाली दस्तावेज बनाया।

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