सोनभद्र, फरवरी 1 -- अनपरा,संवाददाता। केंद्रीय बजट 2026 पावर सेक्टर और बिजली कर्मचारियों के लिए अत्यंत निराशाजनक है। यह आरोप ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने लगाते हुए कहा है कि बजट में सार्वजनिक क्षेत्र की विद्युत वितरण कंपनियों के बढ़ते वित्तीय घाटे को कम करने और उन्हें सुदृढ़ बनाने के लिए ठोस एवं स्पष्ट प्रावधान नहीं किये गये। ट्रांसमिशन सेक्टर में टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटेटिव बिडिंग के नाम पर हो रहे निजीकरण को रोकने की घोषणा की भी अपेक्षा थी, क्योंकि यह विषय राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है, किंतु बजट इस पर पूर्ण मौन रहा।सबसे सस्ती बिजली उत्पादन के लिए नए सार्वजनिक क्षेत्र के बिजली घरों की स्थापना पर भी बजट में कोई चर्चा नहीं की गई। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और डिस्कॉ...
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