घाटशिला, मार्च 30 -- घाटशिला, संवाददाता। घाटशिला के पावड़ा मैदान में आयोजित माझी परगना महाल के दो दिवसीय सम्मेलन में कई मुद्दों पर चर्चा की गई। मौके पर समाजसेवी डॉ. सुनीता देबदूत सोरेन ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मांझी परगना महाल केवल एक संगठन नहीं, बल्कि हमारी पहचान, हमारी परंपरा और हमारी ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। इसे सहेजना, मजबूत करना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। माझी महाल की स्थापना का मूल उद्देश्य यही था कि हमारे गांव सशक्त हों, आत्मनिर्भर बनें और हर क्षेत्र में विकसित हों। गांव की एकता, पारंपरिक व्यवस्था और सामूहिक निर्णय की शक्ति को मजबूत करना ही इसका आधार रहा है। आज के समय में जब हमारी संस्कृति और पारंपरिक व्यवस्था पर कई तरह की चुनौतियां खड़ी हो रही हैं, तो ऐसे में माझी परगना महाल की भूम...